असम, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश (केवल नेशनल हाईवे) में पहचाने गए ऐसे गांवों और नेशनल हाईवे के किनारे, जहां मोबाइल सर्विस उपलब्ध नहीं थी, वहां मोबाइल सर्विस देने के लिए 08.12.2017 को भारती एयरटेल लिमिटेड/भारती हेक्साकॉम लिमिटेड (यानी USP) के साथ समझौते किए गए। 

समझौते के तहत, 2128 गांवों और नेशनल हाईवे के किनारे 2004 मोबाइल टावर लगाने के लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड से USP को ₹1655.66 करोड़ की सब्सिडी सहायता दी जा रही है।

इस समझौते के दायरे में यह शामिल है कि USP को नेशनल हाईवे के किनारे उन गांवों में, जहाँ अभी मोबाइल कवरेज नहीं है, मोबाइल कवरेज ठीक से देने के लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स को लगाना (यानी सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग करना), चलाना, उनका रखरखाव और मैनेजमेंट करना होगा। साथ ही, USP को समझौते में तय शर्तों के अनुसार मोबाइल सेवाएँ भी देनी होंगी।

ये समझौते, समझौते पर हस्ताक्षर होने की तारीख से 10 साल की अवधि के लिए मान्य हैं। 

समझौते के तहत रोलआउट की बढ़ाई गई अवधि अक्टूबर 2020 थी। प्रोजेक्ट का रोलआउट चरण पूरा हो चुका है। 

समझौतों के तहत सभी संभव मोबाइल टावर (यानी 1358) चालू कर दिए गए हैं। बाकी टावर इसलिए चालू नहीं किए जा सके क्योंकि वहां पहले से ही मोबाइल कवरेज मौजूद था, आबादी दूसरी जगह चली गई थी, वन या रक्षा विभाग से मंज़ूरी बाकी थी, गांव बह गए थे या मिल नहीं रहे थे, या वहां तक ​​पहुंचना मुश्किल था, वगैरह।  

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